आ.व. २०८२/८३ को फागुन मसान्तसम्मको आर्थिक तथा वित्तीय तथ्याङ्क
उपभोक्ता मुद्रास्फीति र क्षेत्रगत विवरण:
| सूचक / क्षेत्र | विवरण (प्रतिशतमा) |
| उपभोक्ता मुद्रास्फीति (वार्षिक) | ३.६२% (अघिल्लो वर्ष: ३.७५%) |
| खाद्य तथा पेय पदार्थ समूह | ३.६०% |
| गैर-खाद्य तथा सेवा समूह | ३.६३% |
| थोक मुद्रास्फीति | ३.६४% |
| काठमाडौं उपत्यका | ३.६४% |
| तराई क्षेत्र | ४.११% |
| पहाडी क्षेत्र | ३.११% |
| हिमाली क्षेत्र | २.८३% |
- तथ्याङ्क अनुसार तराई क्षेत्रमा मुद्रास्फीति सबैभन्दा बढी (४.११%) र हिमाली क्षेत्रमा सबैभन्दा कम (२.८३%) देखिएको,
बाह्य क्षेत्र (व्यापार, रेमिट्यान्स र विदेशी विनिमय) को स्थिति:
| सूचक | विवरण (रुपैयाँ/अमेरिकी डलरमा) |
| कुल वस्तु निर्यात | रु. १९१ अर्ब ११ करोड (२०.८% वृद्धि) |
| कुल वस्तु आयात | रु. १२८२ अर्ब २५ करोड (१२.५% वृद्धि) |
| कुल व्यापार घाटा | रु. १०९१ अर्ब १४ करोड (११.२% वृद्धि) |
| विप्रेषण आप्रवाह (रु.) | रु. १४४९ अर्ब ६५ करोड (३७.७% वृद्धि) |
| विप्रेषण आप्रवाह ($) | १० अर्ब १५ करोड डलर (३१.०% वृद्धि) |
| चालू खाता स्थिति | रु. ५५२ अर्ब ८५ करोड (बचत) |
| शोधनान्तर स्थिति | रु. ६५८ अर्ब ३५ करोड (बचत) |
| विदेशी विनिमय सञ्चिति | रु. ३४१३ अर्ब ७७ करोड ($२३ अर्ब ८ करोड) |
| आयात धान्ने क्षमता | १८.५ महिनाको वस्तु तथा सेवा |
- सञ्चिति बलियो: नेपालसँग हाल १८.५ महिनाको आयात धान्न पुग्ने विदेशी मुद्रा सञ्चिति रहेको देखिन्छ, जुन अत्यन्तै सकारात्मक संकेत,
- रेमिट्यान्सको वर्चस्व: व्यापार घाटा (रु. १०९१ अर्ब) भन्दा रेमिट्यान्स आप्रवाह (रु. १४४९ अर्ब) बढी भएकाले मुलुकको शोधनान्तर स्थिति बचतमा रहन मद्दत पुगेको,
सरकारी वित्त स्थिति (२०८२ फागुन मसान्तसम्म):
| सूचक | विवरण (रुपैयाँमा) |
| कुल सरकारी खर्च | रु. ९२६ अर्ब ५९ करोड |
| कुल राजस्व परिचालन | रु. ७४७ अर्ब २८ करोड |
| बजेट घाटा (अनुमानित) | रु. १७९ अर्ब ३१ करोड |
| सरकारको नगद मौज्दात | रु. ३७७ अर्ब ६१ करोड |
- वित्तीय सन्तुलन: कुल राजस्व (रु. ७४७ अर्ब २८ करोड) भन्दा कुल खर्च (रु. ९२६ अर्ब ५९ करोड) बढी देखिएकाले सरकारको बजेट घाटामा रहेको,
- तरलता स्थिति: राष्ट्र बैंकमा रहेको रु. ३७७ अर्ब ६१ करोडको नगद मौज्दातले सरकारसँग तत्काल कार्य सञ्चालनका लागि पर्याप्त तरलता रहेको संके,
मौद्रिक तथा वित्तीय स्थिति (२०८२ फागुन):
| सूचक | विवरण (प्रतिशत / संख्या) |
| विस्तृत मुद्राप्रदाय (M2) वृद्धि | ६.७% (वार्षिक बिन्दुगत: १४.५%) |
| निक्षेप संकलन वृद्धि | ६.६% |
| निजी क्षेत्रतर्फ कर्जा प्रवाह वृद्धि | ४.४% |
| वाणिज्य बैंक औसत आधार दर | ५.१०% |
| निक्षेपको भारित औसत ब्याजदर | ३.४५% |
| कर्जाको भारित औसत ब्याजदर | ६.९०% |
| बैंक तथा वित्तीय संस्थाको संख्या | १०६ |
| कुल शाखा संख्या | ११,४६५ |